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गयाजी में किन-किन पीढ़ियों का पिंडदान होता है? मातृकुल, पितृकुल, ससुराल और 21 कुलों का रहस्य

गयाजी में फल्गु तट और विष्णुपद मंदिर में 21 कुलों के पूर्वजों का पिंडदान करते श्रद्धालु
गयाजी धाम में अपने पितृकुल, मातृकुल और ससुराल पक्ष के 21 कुलों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करते श्रद्धालु।

सनातन धर्म में गयाजी (GayaJi) को मोक्ष की सबसे … पूरा पढ़ें »

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गयाजी से लौटने के बाद घर पर क्या-क्या करना अनिवार्य है? Post-Pind Daan Home Rituals Guide

गयाजी से लौटने के बाद घर के मुख्य द्वार पर आचमन और शुद्धि स्नान करते श्रद्धालु
गयाजी में पिंडदान संपन्न करके घर लौटने पर द्वार पूजन, सुफल अक्षत स्थापना और सात्विक नियमों का पालन करते श्रद्धालु।

गयाजी (GayaJi) की पवित्र भूमि पर अपने पितरों (पूर्वजों) के … पूरा पढ़ें »

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गयाजी पिंडदान के बाद ‘अक्षयवट’ पर ही यात्रा पूरी क्यों मानी जाती है? सुफल, दान और नियम

गयाजी में अक्षयवट के नीचे पिंडदान और पंडाजी से सुफल लेते हुए श्रद्धालु परिवार
गयाजी में पिंडदान के बाद अक्षयवट की छाया में सत्तू-दही का अंतिम पिंड अर्पित करते और सुफल लेते श्रद्धालु।

गयाजी धाम भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र तीर्थ स्थलों में … पूरा पढ़ें »

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