Latest posts
-
गयाजी में ‘मातंगवापी’ (Matangavapi) तीर्थ और मातंग पद: चांडाल-योनि व अधम योनियों से मुक्ति
गयाजी में मातंगवापी और मातंग पद पर श्राद्ध क्यों होता है? जानें महर्षि मातंग का इतिहास, चांडाल-योनि मुक्ति और पिंडदान की संपूर्ण विधि।
-
गयाजी तीर्थ में ‘जिह्वलोल’ (Jihvalola) और ‘काकलोल’ वेदी: वाणी दोष, खान-पान जनित पाप और पितृ तृप्ति
गयाजी में जिह्वलोल और काकलोल वेदी पर श्राद्ध क्यों होता है? जानें अभक्ष्य भक्षण, वाणी दोष प्रायश्चित्त और मधुर पिंड अर्पण की संपूर्ण विधि।
-
गयाजी में ‘मुंडपृष्ठा’ (Mundaprishtha) पहाड़ी और ‘कण्व’ तीर्थ: प्राचीन ऋषि तर्पण और मनस्ताप मुक्ति
गयाजी में मुंडपृष्ठा पहाड़ी पर श्राद्ध क्यों होता है? जानें असुर मुंड का इतिहास, कण्व तीर्थ, ऋषि तर्पण और मनस्ताप मुक्ति की वैदिक विधि।
-
गयाजी में ‘गदाधर’ रूप में भगवान विष्णु की पूजा: गदा लोलार्क और अस्त्र-शस्त्र दोष निवारण
गयाजी में भगवान गदाधर और गदा लोलार्क पर श्राद्ध क्यों होता है? जानें कौमोदकी गदा का रहस्य, अकाल मृत्यु शांति व गदा-तर्पण की संपूर्ण विधि।
-
गयाजी में ‘गोदावरी’ (Godavari) तीर्थ और ‘काकबली’ वेदी: पाताल गंगा और अज्ञात पितरों का तर्पण विधान
गयाजी में गोदावरी कुंड और काकबली वेदी का क्या रहस्य है? जानें पाताल गंगा, अज्ञात पितृ तर्पण, काक-पिंड अर्पण और बलि मंत्र की संपूर्ण विधि।
-
गयाजी तीर्थ में ‘दशगात्र’ और ‘सपिंडीकरण’ के बाद महा-श्राद्ध: वार्षिक श्राद्ध बनाम गया श्राद्ध का अंतर और नियम
क्या बरसी से पहले गयाजी में पिंडदान हो सकता है? जानें दशगात्र, सपिंडीकरण, त्रिपिंडी और गया श्राद्ध के बाद घर पर वार्षिक श्राद्ध के नियम।
-
गयाजी में ‘ब्रह्मयोनि’ (Brahmayoni) पहाड़ी और मातृ-ऋण मुक्ति: संकीर्ण गुफा से निकलने का संपूर्ण रहस्य और नियम
गयाजी में ब्रह्मयोनि पहाड़ी पर पिंडदान क्यों जरूरी है? जानें 424 सीढ़ियों की चढ़ाई, संकीर्ण गुफा से रेंगकर निकलने का रहस्य और श्राद्ध की संपूर्ण विधि।
-
गयाजी तीर्थ के 5 प्रमुख दिव्य वृक्ष और उनकी छाया में पिंडदान का रहस्य: अक्षयवट, पीपल, वट, आम्र और कदंब
गयाजी में अक्षयवट, पीपल, वट, आम्र और कदंब के नीचे पिंडदान का क्या रहस्य है? जानें वृक्षों की जड़ में तिल-जल अर्पण, प्रदक्षिणा और सुफल लेने के नियम।
-
गयाजी में ‘उत्तर मानस’ और ‘दक्षिण मानस’ सरोवर: सूर्य देव और पितरों के तर्पण का अद्भुत संगम
गयाजी में उत्तर मानस और दक्षिण मानस सरोवर पर श्राद्ध क्यों होता है? जानें दक्षिणादित्य सूर्य मंदिर, सूर्य-अर्घ्य और पितृ तर्पण की संपूर्ण विधि।
-
गयाजी में ‘रुद्रपद’, ‘ब्रह्मपद’ और 16 चरण वेदियों का रहस्य: भगवान विष्णु के चरणों के अलावा अन्य देव पद
गयाजी में भगवान विष्णु के अलावा किन 16 देवताओं के चरण हैं? जानें रुद्रपद, ब्रह्मपद, कश्यपपद और सूर्यपद पर पिंडदान के नियम, महत्व और षोडश पद की विधि।