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गयाजी में ‘मातंगवापी’ (Matangavapi) तीर्थ और मातंग पद: चांडाल-योनि व अधम योनियों से मुक्ति

गयाजी में मातंगवापी कुंड तट पर मातंग पद शिला पर अधम योनि मुक्ति हेतु पिंडदान करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ में मातंगवापी सरोवर और मातंग पद वेदी पर नीच व तिर्यक योनियों से मुक्ति हेतु वैदिक पिंडदान अनुष्ठान।

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गयाजी तीर्थ में ‘जिह्वलोल’ (Jihvalola) और ‘काकलोल’ वेदी: वाणी दोष, खान-पान जनित पाप और पितृ तृप्ति

गयाजी में जिह्वलोल कुंड तट पर काकलोल शिला पर वाणी दोष निवारण हेतु मधुर पिंड अर्पित करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ में जिह्वलोल सरोवर और काकलोल वेदी पर वाणी शुद्धि व रसना दोष निवारण हेतु वैदिक पिंडदान अनुष्ठान।

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गयाजी में ‘मुंडपृष्ठा’ (Mundaprishtha) पहाड़ी और ‘कण्व’ तीर्थ: प्राचीन ऋषि तर्पण और मनस्ताप मुक्ति

गयाजी में मुंडपृष्ठा पहाड़ी शिखर पर मनस्ताप व मानसिक शांति हेतु पिंडदान करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ में मुंडपृष्ठा पर्वत और महर्षि कण्व तीर्थ पर पूर्वजों के मानसिक संताप निवारण हेतु वैदिक पिंडदान।

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गयाजी में ‘गदाधर’ रूप में भगवान विष्णु की पूजा: गदा लोलार्क और अस्त्र-शस्त्र दोष निवारण

गयाजी में फल्गु तट स्थित गदा लोलार्क वेदी पर अकाल मृत्यु दोष शांति हेतु गदा-अर्घ्य समर्पित करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ में भगवान गदाधर के सान्निध्य में कौमोदकी गदा अर्चन और गदा लोलार्क वेदी पर वैदिक श्राद्ध।

सनातन धर्म के सर्वाधिक पावन पितृ महातीर्थ गयाजी को शास्त्रों में केवल … पूरा पढ़ें »

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गयाजी में ‘गोदावरी’ (Godavari) तीर्थ और ‘काकबली’ वेदी: पाताल गंगा और अज्ञात पितरों का तर्पण विधान

गयाजी में गोदावरी कुंड तट पर काकबली शिला पर अज्ञात पितरों के निमित्त पिंड अर्पित करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ के पावन गोदावरी तीर्थ में पाताल गंगा स्नान और काकबली शिला पर अज्ञात पितृ तर्पण अनुष्ठान।

सनातन धर्म के सर्वाधिक पावन और रहस्यमयी तीर्थ ‘गया महात्म्य’ (वायु पुराण … पूरा पढ़ें »

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गयाजी तीर्थ में ‘दशगात्र’ और ‘सपिंडीकरण’ के बाद महा-श्राद्ध: वार्षिक श्राद्ध बनाम गया श्राद्ध का अंतर और नियम

गयाजी में सपिंडीकरण और त्रिपिंडी अनुष्ठान के बाद विष्णुपद वेदी पर महा-श्राद्ध संपन्न करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ में गरुड़ पुराण व धर्मसिंधु के अनुसार दशगात्र-सपिंडी उपरांत अक्षय तृप्ति हेतु वैदिक पिंडदान।

सनातन धर्म की अंत्येष्टि और पितृ कर्म व्यवस्था में मृत्यु के उपरांत जीवात्मा के … पूरा पढ़ें »

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गयाजी में ‘ब्रह्मयोनि’ (Brahmayoni) पहाड़ी और मातृ-ऋण मुक्ति: संकीर्ण गुफा से निकलने का संपूर्ण रहस्य और नियम

गयाजी में ब्रह्मयोनि पहाड़ी शिखर पर अष्टभुजा मंदिर के समीप मातृ-ऋण मुक्ति हेतु पिंडदान करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ के पावन ब्रह्मयोनि पर्वत शिखर पर मातृ-ऋण और गर्भ-यातना से मुक्ति हेतु वैदिक पिंडदान अनुष्ठान।

सनातन धर्म के सर्वाधिक प्रामाणिक ग्रन्थ ‘वायु पुराण’ (गया महात्म्य) और ‘अग्नि पुराण’… पूरा पढ़ें »

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गयाजी तीर्थ के 5 प्रमुख दिव्य वृक्ष और उनकी छाया में पिंडदान का रहस्य: अक्षयवट, पीपल, वट, आम्र और कदंब

गयाजी में अक्षयवट और प्राचीन पीपल वृक्ष की छाया में रक्षा-सूत्र बांधकर पिंडदान करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ के पावन अक्षयवट एवं पीपल वृक्ष की शीतल छाया में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पिंडदान एवं सुफल अनुष्ठान।

सनातन धर्म में प्रकृति और वृक्षों को केवल वनस्पति नहीं, … पूरा पढ़ें »

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गयाजी में ‘उत्तर मानस’ और ‘दक्षिण मानस’ सरोवर: सूर्य देव और पितरों के तर्पण का अद्भुत संगम

गयाजी में दक्षिण मानस सरोवर तट पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पितृ तर्पण करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ के पावन मानस सरोवर पर भगवान भास्कर की साक्षी में सूर्य-अर्घ्य एवं पिंडदान अनुष्ठान।

सनातन धर्म में गया तीर्थ को केवल भगवान विष्णु की गदाधर भूमि ही नहीं, … पूरा पढ़ें »

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गयाजी में ‘रुद्रपद’, ‘ब्रह्मपद’ और 16 चरण वेदियों का रहस्य: भगवान विष्णु के चरणों के अलावा अन्य देव पद

विष्णुपद मंदिर गयाजी में 16 देव चरणों (रुद्रपद और ब्रह्मपद) पर पिंड अर्पित करते श्रद्धालु
गयाजी के विष्णुपद मंदिर परिसर में स्थित 16 पवित्र देव पदों पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ षोडश पिंडदान।

गया महातीर्थ का नाम सुनते ही अधिकांश श्रद्धालुओं के मन में केवल … पूरा पढ़ें »

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