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गयाजी में ‘हंस तीर्थ’ (Hans Teertha) और ‘कौशिकी’ संगम: आत्महत्या, विषपान व संन्यासियों के तर्पण का रहस्य
गयाजी में हंस तीर्थ पर श्राद्ध क्यों होता है? जानें आत्महत्या, विषपान व अकाल मृत्यु शांति, कौशिकी तर्पण और हंस-पिंड की संपूर्ण वैदिक विधि।
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गयाजी तीर्थ में ‘पंचबलि’ का रहस्य: गौ-ग्रास, श्वान-बलि और काक-बलि का संपूर्ण विधान
गयाजी पिंडदान और श्राद्ध में पंचबलि क्यों अनिवार्य है? जानें गौ-ग्रास, श्वान-बलि, काक-बलि, देव और चींटी बलि के पौराणिक नियम, मंत्र एवं सही विधि।
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गयाजी में पिंडदान के बाद ‘तर्पण’ (Tarpan) की विधि: देवावाहन, ऋषि तर्पण और पितृ तर्पण के संपूर्ण नियम
पिंडदान के बाद तर्पण कैसे करें? जानें देव तर्पण, ऋषि तर्पण और पितृ तर्पण की दिशा, जनेऊ के नियम, हस्त-तीर्थ और काले तिल से जल देने की सही विधि।
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गयाजी में ‘मुंडन संस्कार’ किसे कराना चाहिए और किसे नहीं? शास्त्रसम्मत नियम 2026
गयाजी में पिंडदान से पहले मुंडन किसे कराना चाहिए और किसे नहीं? जानें माता-पिता के रहते नियम, महिलाओं का सांकेतिक मुंडन, नाई दक्षिणा और शास्त्र विधान।
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गयाजी में ऑनलाइन / ई-पिंडदान: क्या यह शास्त्रसम्मत है? ई-पिंडदान की पूरी विधि और नियम
क्या गयाजी में ऑनलाइन (ई-पिंडदान) कराना शास्त्रसम्मत है? जानें वीडियो कॉल पर लाइव संकल्प, फल्गु व विष्णुपद पर पिंडदान विधि और नियम।
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गयाजी में किन-किन पीढ़ियों का पिंडदान होता है? मातृकुल, पितृकुल, ससुराल और 21 कुलों का रहस्य
गयाजी में किन-किन पीढ़ियों का पिंडदान किया जाता है? जानें 21 कुलों का रहस्य, पितृकुल, (ननिहाल), ससुराल पक्ष और अज्ञात पूर्वजों के तर्पण के सभी नियम।