गयाजी में ‘रुद्रपद’, ‘ब्रह्मपद’ और 16 चरण वेदियों का रहस्य: भगवान विष्णु के चरणों के अलावा अन्य देव पद

विष्णुपद मंदिर गयाजी में 16 देव चरणों (रुद्रपद और ब्रह्मपद) पर पिंड अर्पित करते श्रद्धालु
गयाजी के विष्णुपद मंदिर परिसर में स्थित 16 पवित्र देव पदों पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ षोडश पिंडदान।

गया महातीर्थ का नाम सुनते ही अधिकांश श्रद्धालुओं के मन में केवल … पूरा पढ़ें »

गयाजी यात्रा में ‘गोदान’ (Godan) का विधान: वैतरणी नदी पार करने का संपूर्ण रहस्य और शास्त्रसम्मत नियम

गयाजी में वैतरणी सरोवर के तट पर गाय की पूंछ पकड़कर गोदान संकल्प करते श्रद्धालु
गया महातीर्थ में यम मार्ग की वैतरणी नदी पार कराने हेतु शास्त्रसम्मत गोदान संकल्प और पूजन प्रक्रिया।

सनातन धर्म में गयाजी तीर्थ यात्रा और महा-श्राद्ध के दौरान ‘गोदान’ (गौ-दान) को … पूरा पढ़ें »

गयाजी में ‘धर्मारण्य’ (Dharmaranya) और ‘मातंगवापी’ वेदी: युधिष्ठिर द्वारा किए गए श्राद्ध का संपूर्ण रहस्य

गयाजी में बोधगया स्थित धर्मारण्य वेदी और मातंगवापी कुंड पर पिंडदान करते श्रद्धालु
गयाजी के पावन धर्मारण्य तीर्थ में धर्मेश्वर महादेव एवं मातंग पद पर वैदिक पिंडदान और तर्पण अनुष्ठान।

गया महातीर्थ केवल फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट तक ही सीमित नहीं … पूरा पढ़ें »

गयाजी तीर्थ में ‘पंचबलि’ का रहस्य: गौ-ग्रास, श्वान-बलि और काक-बलि का संपूर्ण विधान

गयाजी में पिंडदान के बाद 5 पत्तलों पर पंचबलि (गौ-ग्रास, काक और श्वान) निकालते श्रद्धालु
गयाजी धाम में श्राद्ध एवं पिंडदान के दौरान गौ, श्वान, काक, देव और चींटी के निमित्त पंचबलि समर्पण।

सनातन धर्म में गयाजी तीर्थ पर किया जाने वाला श्राद्ध कर्म केवल … पूरा पढ़ें »

गयाजी में पिंडदान के बाद ‘तर्पण’ (Tarpan) की विधि: देवावाहन, ऋषि तर्पण और पितृ तर्पण के संपूर्ण नियम

गयाजी में फल्गु नदी तट पर कुशा और काले तिल से पितृ तर्पण करते श्रद्धालु
गयाजी के पावन फल्गु तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पितृ तर्पण और अंजलि समर्पण की प्रक्रिया।

सनातन धर्म में श्राद्ध कर्म की पूर्णता केवल पिंड अर्पित करने से नहीं … पूरा पढ़ें »

गयाजी में ‘मुंडन संस्कार’ किसे कराना चाहिए और किसे नहीं? शास्त्रसम्मत नियम 2026

गयाजी में फल्गु नदी तट पर पिंडदान से पूर्व मुंडन संस्कार करवाते श्रद्धालु
गयाजी धाम में पिंडदान और श्राद्ध कर्म से पूर्व फल्गु घाट पर मुंडन संस्कार और शुद्धि स्नान की प्रक्रिया।

सनातन धर्म में तीर्थ यात्रा और पितृ उद्धार के संदर्भ में … पूरा पढ़ें »

गयाजी में ऑनलाइन / ई-पिंडदान: क्या यह शास्त्रसम्मत है? ई-पिंडदान की पूरी विधि और नियम

गयाजी में पंडाजी द्वारा वीडियो कॉल के माध्यम से ऑनलाइन ई-पिंडदान और संकल्प करवाते हुए
असमर्थ और प्रवासी श्रद्धालुओं के लिए गयाजी धाम में वीडियो कॉलिंग द्वारा शास्त्रसम्मत ई-पिंडदान और लाइव संकल्प की प्रक्रिया।

डिजिटल युग में जहाँ जीवन की अधिकांश सेवाएं इंटरनेट पर उपलब्ध … पूरा पढ़ें »

गयाजी में किन-किन पीढ़ियों का पिंडदान होता है? मातृकुल, पितृकुल, ससुराल और 21 कुलों का रहस्य

गयाजी में फल्गु तट और विष्णुपद मंदिर में 21 कुलों के पूर्वजों का पिंडदान करते श्रद्धालु
गयाजी धाम में अपने पितृकुल, मातृकुल और ससुराल पक्ष के 21 कुलों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करते श्रद्धालु।

सनातन धर्म में गयाजी (GayaJi) को मोक्ष की सबसे … पूरा पढ़ें »

गयाजी से लौटने के बाद घर पर क्या-क्या करना अनिवार्य है? Post-Pind Daan Home Rituals Guide

गयाजी से लौटने के बाद घर के मुख्य द्वार पर आचमन और शुद्धि स्नान करते श्रद्धालु
गयाजी में पिंडदान संपन्न करके घर लौटने पर द्वार पूजन, सुफल अक्षत स्थापना और सात्विक नियमों का पालन करते श्रद्धालु।

गयाजी (GayaJi) की पवित्र भूमि पर अपने पितरों (पूर्वजों) के … पूरा पढ़ें »

गयाजी पिंडदान के बाद ‘अक्षयवट’ पर ही यात्रा पूरी क्यों मानी जाती है? सुफल, दान और नियम

गयाजी में अक्षयवट के नीचे पिंडदान और पंडाजी से सुफल लेते हुए श्रद्धालु परिवार
गयाजी में पिंडदान के बाद अक्षयवट की छाया में सत्तू-दही का अंतिम पिंड अर्पित करते और सुफल लेते श्रद्धालु।

गयाजी धाम भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र तीर्थ स्थलों में … पूरा पढ़ें »